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बुधवार, 3 मई 2017

पेशाब का बार-बार आना ,रामबाण घरेलू तरीका Frequent urination, panacea indigenous method

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बार बार पेशाब आना एक आम समस्या बनता जा रहा है ये बीमारी बडो और जवान सभी में होने लगी है बार-बार पेशाब आना असंयमित मूत्रत्याग का ही दूसरा रूप है। बार-बार पेशाब आना वृद्धावस्था में होनेवाला रोग है क्योंकि वृद्धावस्था में शरीर की मांसपेशियों पर नियंत्रण धीरे-धीरे कम होने लगता है। इसके अलावा प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने तथा चाय व मद्यपान अधिक करने के कारण भी बार-बार पेशाब आने की शिकायत हो जाती है।
पेशाब का बार-बार आना ,रामबाण घरेलू तरीका Frequent urination, panacea indigenous method

केला-
 जिन्हें पेशाब बार-बार आता है उन्हें दो पके हुए केलों का सेवन दोपहर के भोजन के बाद कुछ दिनों तक नियमित करना चाहिए। एक केले के साथ विदारीकंद और शतावरी का चूर्ण डेढ़-डेढ़ माशा मिलाकर दूध के साथ प्रतिदिन सेवन करने से लाभ होता है।
अनार-
 पांच ग्राम अनार के छिलके की फंकी ताजा पानी से सुबह-शाम लेने से अधिक मूत्र आना कम हो Home remedy for frequent urinationजाता है। अनार पेस्‍ट यह मूत्राशय की गर्मी को कम करता है। अनार के छिलके का पेस्‍ट बनाइये और उसका छोटा भाग पानी के साथ दिन में दो बार खाइये। ऐसा 5 दिनों के लिये करें, आपको इससे आराम मिलेगा।
बेल-
बेल के ताजा पत्तों का रस पांच ग्राम की मात्रा में दिन में तीन बार लें। पेशाब का बार-बार आना ठीक हो जाएगा।

आंवला-
 आंवलों का रस पानी में मिलाकर चार दिनों तक सुबह-शाम पीने से काफी लाभ होता है।
अनार पेस्‍ट यह मूत्राशय की गर्मी को कम करता है। अनार के छिलके का पेस्‍ट बनाइये और उसका छोटा भाग पानी के साथ दिन में दो बार खाइये। ऐसा 5 दिनों के लिये करें, आपको इससे आराम मिलेगा।

कुलथी-
कुलथी का प्रयोग कुलथी में कैल्‍शियम, आयरन और पॉलीफिनॉल होता है, जो कि एंटीऑक्‍सीडेंट से भरा होता है। थोड़ी सी कुलथी को गुड के साथ रोज सुबह लेने से मूत्राशय की खराबी दूर हो जाएगी।

तिल के बीज-

 तिल के दानों में एंटी ऑक्‍सीडेंट्स, मिनरल्‍स और विटामिन्‍स होते हैं। आप इसे गुड या फिर अजवाइन के साथ सेवन कर सकते हैं।

.शहद और तुलसी-
शहद और तुलसी एक चम्‍मच शहद के साथ 3-4 तुलसी की पत्‍तियां मिलाएं और खाली पेट सुबह खाएं।

दही-
 दही को हर रोज खाने के साथ खाना चाहिये। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक ब्‍लैडर में खतरनाक बैक्‍टीरिया को बढ़ने से रोकता है।
मेथी-
 मेथी पावडर को सूखी अदरक और शहद के साथ मिला कर पानी के साथ खाएं। ऐसा हर दो दिन पर करें। आपको रिजल्‍ट साफ दिखाई देगा।

आवश्‍यक तेल-
 चंदन, लोबान और टी ट्री ऑइल जैसे आवश्यक तेलों से अपने प्राइवेट पार्ट की मालिश करने से उस जगह की जलन और बार बार पेशाब आने की परेशानी खतम होती है। बेस्‍ट रिजल्‍ट के लिये अरोमा थैरेपिस्‍ट की सलाह लें।

बेकिंग सोडा -
बेकिंग सोडा यह पेशाब के पीएच बैलेंस को नियंत्रित करेगा। आधा चम्‍मच बेकिंग सोडा को 1 गिलास पानी के साथ मिक्‍स कर के पियें

उबली पालक-
उबली पालक अगर आपने रात को डिनर के रूप में उबली हुई पालक खाई है तो बार बार पेशाब जाने की समस्‍या पर कुछ विराम लग सकता है। यह आपको पोषण भी देगा।

खूब पानी पियें-
 आप जितना ज्‍यादा पानी पियेंगी आपका शरीर उतना ही ज्‍यादा हाइड्रेट रहेगा और किडनी से गंदगी निकलेगी। एक पुरुष को लगभग 3 लीटर पानी हर दिन पीना चाहिये।
नारियल पानी जौ का पानी और छाछ पीना मूत्रमार्ग के संक्रमण को खत्म करने में सहायता कर सकता है, क्योंकि इनको विश्वसनीय मूत्रवर्धक माना गया है।

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