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रविवार, 26 फ़रवरी 2017

भगवान शिव के माता पिता कोन है जानिए रहस्य -Know the secret of Lord Shiva is the parent cone -

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भगवान शिव इस दुनिया के रचियता और विनाश करने वाले है , और सब देवो के जनक भी  शिव ही है , इस लोक और परलोक में जो भी है वो शिव से ही उत्पन्न हुआ है ,| तो ये सवाल मन में आता है की सशरीर जन्म लेने के लिए माध्यम की जरूरत होती हो तो शिव के शरीर रूप के जन्म दाता या माता पिता कोन है , वो कोन है जिसने शिव को जन्म दिया , कोन है शिव जी के माता पिता जानिए -
  भगवान शिव के माता पिता कोन है जानिए रहस्य -Know the secret of Lord Shiva is the parent cone -

मान्यता के अनुसार

एक पौराणिक मान्यता के अनुसार शिव के माता-पिता से जुड़े रहस्य को जानने के लिए ऋषियों ने एक बार उनसे सवाल किया और पूछा कि हे महादेव आपको किसने जन्म दिया है?

शिव के माता-पिता से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए भगवान शिव ने ऋषियों की इस जिज्ञासा को शांत करते हुए कहा कि मुझे इस सृष्टि को निर्माण करनेवाले भगवान ब्रह्मा ने जन्म दिया है.

ऋषियों की जिज्ञासा इतने पर शांत नहीं हुई तो उन्होंने फिर एक सवाल करते हुए भगवान शिव से पूछा कि अगर ब्रह्मा आपके पिता हैं, तो फिर आपके दादाजी कौन हैं ?

भगवान शिव ने जवाब देते हुए कहा कि इस सृष्टि का पालन करनेवाले भगवान विष्णु ही मेरे दादाजी हैं.

भगवान की इस लीला से अंजान ऋषियों ने फिर से सवाल किया कि अगर आपके पिता ब्रह्मा है और दादाजी विष्णु हैं तो फिर आपके परदादा कौन हैं ?

ऋषियों के इस सवाल को सुन भगवान शिव ने मुस्कुराते हुए कहा कि खुद भगवान शिव ही हैं मेरे परदादा.

श्रीमद् देवी महापुराण के मुताबिक

श्रीमद् देवी महापुराण के मुताबिक कहा जाता है कि एक बार नारद ने अपने पिता ब्रह्मा से सवाल किया कि इस सृष्टि का निर्माण किसने किया है? आपने, विष्णु भगवान ने, या फिर स्वयं भगवान शिव ने ?

आप तीनों को किसने जन्म दिया है अर्थात आपके माता-पिता कौन हैं ?

तब परमपिता ब्रह्मा ने त्रिदेवों के जन्म की गाथा का वर्णन करते हुए कहा कि प्रकृति स्वरुप दुर्गा और काल-सदाशिव स्वरुप ब्रह्म के योग से ब्रह्मा, विष्णु और महेश की उत्पत्ति हुई है.

अर्थात प्रकृति स्वरुप दुर्गा ही माता हैं और ब्रह्म यानि काल-सदाशिव पिता हैं.

बहरहाल पुराणों में भगवान शिव और आदिशक्ति की महिमाओं के अलग-अलग उल्लेख मिलते हैं.

लेकिन ईश्वर की लीला तो वही जानें, उनकी लीलाओं को समझना हम इंसानों के बस की बात नहीं है क्योंकि भगवान शिव तो देवों के भी देव हैं वहीं आदि हैं वही अंत भी
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