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बुधवार, 30 दिसंबर 2015

सर्दियो में खाये तिल के लड्डू जाने क्या है फायदे -What is the benefit in winter eat sweet sesame

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सर्दियो में खाये तिल के लड्डू जाने क्या है फायदे -What is the benefit in winter eat sweet sesame-तिल का तेल-तिल हटाने के तरीके-तिल meaning in english-तिल का मतलब-तिल का रहस्य-तिल के लड्डू-तिल के फायदे-अलसी-
तिल में अनेक प्रकार के प्रोटीन जैसे कैल्शियम, आयरन, ऑक्जेलिक एसिड, अमीनो एसिड, प्रोटीन, विटामिन बी, सी तथा ई प्रचुर मात्रा मेंभारतीय खानपान में तिल का बहुत महत्व है। सर्दियों में तिल खाने के आने लाभ होते हैं। तिल से शरीर को ऊर्जा मिलती है। तिल के सेवन से न केवल पेट के बीमारियों बल्कि अन्य कई बीमारियों में भी लाभ मिलता है। होता हैं। तिल तीन प्रकार के होते हैं- काले, सफेद और लाल। काले तिल सभी तिलों में श्रेष्ठ होते हैं। आइए हम आपको तिल के औषधीय गुणों के बारे में बताते हैं


सर्दियो में खाये तिल के लड्डू जाने क्या है फायदे -What is the benefit in winter eat sweet sesame
मकर संक्रांति के अवसर पर तिल के लड्डू की याद सबको आती है मगर क्या आपको पता है कि तिल देखने में तो छोटा लगता है मगर इसके गुण अनेक है। इसलिए सदियों से तिल का इस्तेमाल हर घर के रसोईघर में होता रहा है। तिल सिर्फ खाने में रंग, स्वाद और टेक्सचर ही नहीं लाता है बल्कि यह कई प्रकार से स्वास्थ्य को भी फायदा पहुँचाता है-
बैड कोलेस्ट्रोल को कम करता है-
तिल में मोनो-सैचुरेटेड फैटी एसिड (mono-unsaturated fatty acid) होता है जो शरीर से बैड कोलेस्ट्रोल को कम करके गुड कोलेस्ट्रोल यानि एच.डी.एल. (HDL) को बढ़ाने में मदद करता है। यह हृदय रोग, दिल का दौरा और धमनीकलाकाठिन्य (atherosclerosis) के संभावना को कम करता है।
कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है-
तिल में सेसमीन (sesamin) नाम का एन्टीऑक्सिडेंट (antioxidant) होता है जो कैंसर के कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने के साथ-साथ है और उसके जीवित रहने वाले रसायन के उत्पादन को भी रोकने में मदद करता है। यह फेफड़ों का कैंसर, पेट के कैंसर, ल्यूकेमिया, प्रोस्टेट कैंसर, स्तन कैंसर और अग्नाशय के कैंसर के प्रभाव को कम करने में बहुत मदद करता है।
तनाव को कम करता है-
इसमें नियासिन (niacin) नाम का विटामिन होता है जो तनाव और अवसाद को कम करने में मदद करता है।
What is the benefit in winter eat sweet sesame के लिए चित्र परिणाम
हृदय के मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है-
तिल में ज़रूरी मिनरल जैसे कैल्सियम, आयरन, मैग्नेशियम, जिन्क, और सेलेनियम होता है जो हृदय के मांसपेशियों को सुचारू रूप से काम करने में मदद करता है और हृदय को नियमित अंतराल में धड़कने में मदद करता है।
शिशु के हड्डियों को मजबूती प्रदानकरता है
तिल में डायटरी प्रोटीन और एन करता है-मिनो  / एसिड होता है जो बच्चों के हड्डियों के विकसित होने में और मजबूती प्रदान करने में मदद करता है। उदाहरणस्वरूप 100ग्राम तिल में लगभग 18 ग्राम प्रोटीन होता है, जो बच्चों के विकास के लिए बहुत ज़रूरी होता है।
गर्भवती महिला और भ्रूण (foetus) को स्वस्थ रखने में मदद करता है-
तिल में फोलिक एसिड होता है जो गर्भवती महिला और भ्रूण के विकास और स्वस्थ रखने में मदद करता है।
शिशुओं के लिए तेल मालिश के रूप में काम करता है-
अध्ययन के अनुसार तिल के तेल से शिशुओं को मालिश करने पर उनकी मांसपेशियाँ सख्त होती है साथ ही उनका अच्छा विकास होता है। आयुर्वेद के अनुसार इस तेल से मालिश करने पर शिशु आराम से सोते हैं।
अस्थि-सुषिरता (osteoporosis) से लड़ने में मदद करता है-
तिल में जिन्क और कैल्सियम होता है जो अस्थि-सुषिरता से संभावना को कम करने में मदद करता है।
मधुमेह के दवाईयों को प्रभावकारी बनाता है-
डिपार्टमेंट ऑफ बायोथेक्सनॉलॉजी विनायक मिशन यूनवर्सिटी, तमिलनाडु (Department of Biothechnology at the Vinayaka Missions University, Tamil Nadu) के अध्ययन के अनुसार यह उच्च रक्तचाप को कम करने के साथ-साथ इसका एन्टी ग्लिसेमिक प्रभाव रक्त में ग्लूकोज़ के स्तर को 36% कम करने में मदद करता है जब यह मधुमेह विरोधी दवा ग्लिबेक्लेमाइड (glibenclamide) से मिलकर काम करता है। इसलिए टाइप-2 मधुमेह (type 2 diabetic) रोगी के लिए यह मददगार साबित होता है।
टिप-
तिल का सेवन हेल्दी तरीके से करें। इसको अपने आहार में शामिल करने से पहले भून लें। किसी भी तरह के सलाद में इसको छिड़क कर खा सकते हैं या तिल के लड्डू, तिल की पूरी भी बनाकर भी खा सकते हैं। खाना बनाने में तिल के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
सर्दियों में तिल और गुड़ को समान मात्रा में लड्डू बना ले। इनका सेवन प्रतिदिन 2 बार दूध के साथ करें इससे मानसिक दुर्बलता एंव तनाव दूर होते हैं साथ ही सांस फूलना जल्दी बुढ़ापा आना बंद हो जाता है। अगर बच्चा रात को सोते हुए पेशाब करते देता है तो उसे यह लड्डू हर रोज रात में सोने से पहले खिलाइए, बच्चा सोते वक्त पेशाब नहीं करेगा।
तिल के तेल की सिर में मालिश करने से न केवल बाल घने और चमकदार होते हैं बल्कि बालों का गिरना भी कम हो जाता है। इसके साथ किसी भी प्रकार की चोट में तिल के तेल का फाहा रख कर पट्टी बांधने से भी शीघ्र लाभ होता है। अगर आपको पुरानी बवासीर है तो प्रतिदिन दो चम्मच काले तिल को चबाकर खाइए और उसके बाद ठंडा पानी पीजिए। इसके रोजाना सेवन से पुराना बवासीर भी ठीक हो जाती है। फटी हुई एड़ियों पर गर्म तिल के तेल में सेंधा नमक और मोम मिलाकर लगाने से फायदा होता है। तिल को पीस कर मक्खन के साथ मिला कर नियमित रूप से चेहरे पर लगाने से चेहरे का रंग निखरता है।
20-25 ग्राम तिल चबाकर उपर से गर्म पानी पिलाने से पेट का दर्द ठीक हो जाता है। अगर आपको खांसी है तो तिल का सेवन कीजिए खांसी ठीक हो जाएगी। अग सूखी खांसी है तो तिल व मिश्री को पानी में उबाल कर पीने से सूखी खांसी भी दूर हो जाती है। फटी हुई एड़ियों पर गर्म तिल के तेल में सेंधा नमक और मोम मिलाकर लगाने से फायदा होता है। तिल को पीस कर मक्खन के साथ मिला कर नियमित रूप से चेहरे पर लगाने से चेहरे का रंग निखरता है।
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