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शनिवार, 2 दिसंबर 2017

सिर में नए बाल फिर से उगाने के लिए -New hair to grow again in the head -

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गंजापन दूर करने के उपाय-Methods to overcome baldness

गंजापन बाल गिरने की आम बीमारी हैI इस रोग में रोगी के सामान्य से अधिक बाल गिरते हैं। यह रोग पुरुषों में, बच्चों और महिलाओं के मुकाबले ज्यादा होता है। यह रोग त्वचा की समस्याओं या वंशानुगत बीमारी की वजह से होता है। जो लोग हमेशा तनाव मे रहते हैं, उनमे इस रोग की अधिक संभावना होती है। हिन्दी मे एक कहाबत है “चिन्ता चिता के समान होती है” (सचमुच चिंता एक चिता की तरह है) यह बिल्कुल सही है। गंजापन के लिए आयुर्वेद मे घरेलू उपचार बताये गये हैं, जो कि काफि फाय्देमन्द हैं। गंजापन के लिए मुख्य आयुर्वेदिक घरेलू उपचार नीचे बताये जा रहे हैं।
1 . बाल गिरने को रोकने के लिए सिर पर हरी धनिया को पीस्कर से रोज मालिश करें।
2 . सूखे आंवले का पाउडर तैयार करें और नारियल तेल और चमेली के तेल के साथ मिश्रण बनायें। गंजापन रोकने के लिए धीरे धीरे अपने सिर पर इस तेल कि मालिस करें।
3. गंजापन रोकने के लिए गोभी के 30-50 ग्राम पत्ते रोजाना खाओ। आप सलाद के रूप में भी गोभी का उपयोग कर सकते हैं।
4 बरगद की जटाओं का पाउडर तैयार करें और नींबू के साथ मिश्रण बनायें। इस मिश्रण के साथ सिर धोने के बाद गंजापन रोकने के लिए नारियल तेल से सिर की मालिश करें।
5 अनार बीज, पत्ते और बाहरी छिलका पीस लें और फिर सरसों तेल के साथ पकाएं। इस मिश्रण को निथार कर तेल के रूप में एक दिन मे 2-3 बार बालों की मालिश करें।
6 आप मेंहदी / मेहँदी को भी एक प्राकृतिक बाल डाई के रूप में उपयोग कर सकते हैं। यह आपके बालों को मजबूत बनाने और बाल गिरने की परेशानी दूर करती है।
7 पीला ततैया खाली घोंसला 25 ग्राम और गुड़हल (हिबिस्कुस रोजा साइनेसिस) के 10-15 पत्ते लें। आधा लीटर नारियल तेल में इनको मिलाएं और एक धीमी आंच पर उबालें। जब पीला ततैया घोंसला काले रंग के हो जाते हैं तो मिश्रण नीचे उतार लें। ठंडा होने पर इसे फिल्टर करके एक छोटी बोतल में जमा करें। गंजापन का इलाज करने के लिए सिर पर इस तेल से रोज़ मालिश करें। इससे सिर पर फिर से बालों को उगने में मदद मिलेगी।
ये गंजापन के लिए या बाल गिरने रोकने के लिए आयुर्वेदिक घरेलू उपचार ज्यादातर इस्तेमाल के 7 सबसे अच्छे तरीके हैं। अगर आप इस समस्या से पीड़ित हैं, और गंजापन के लिए एक सस्ता और प्रभावी घरेलू उपचार की तलाश में हैं तो आप उपरोक्त आयुर्वेदिक घरेलू उपचार इस्तेमाल कर सकतें हैं

बाल वृद्धि के आयुर्वेदिक घरेलू उपचार-Ayurvedic Home Remedies for Hair Growth

बाल विकास के लिए आयुर्वेदिक घरेलू उपचार मे हम आमला, शिकाकाई, रीठा, भृंगराज, मंजिष्ठा, रक्त चंदन, जटामांसी और नीम जैसे कई आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का प्रयोग कर सकते हैं। ये आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां आसानी से घर में उपलब्ध होती हैं। और बाल विकास के लिए अति उपयोगी हैं।

  1. बालों के लिए आमला सोने से पहले रात में ठंडे पानी से आधा चम्मच ले, आंवला पाउडर या सूखा आंवला रात को पानी मॆं भिगो दें और सुबह में यह आमला पानी का उपयोग सिर धोने मे करें मजबूत, लंबे और रेशमी बाल पाने के लिए इस आमला पानी के घोल को सिर धोने में प्रयोग करें। आप आमले के साथ शिकाकाई और रीठा भी उपयोग कर सकते हैं। ये आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के पानी का घोल बाल विकास के लिए बहुत प्रभावी है और यह भी बाल गिरने या रूसी जेसे बालों के रोगों से छुटकारा दिलाता है।
  2. शिकाकाई एक अच्छा कंडीशनर और क्लेअंजर (cleanser) है। यह कई रूसी नाशक शैंपू की तैयारी में प्रयोग किया जाता है। रीठा भी शिकाकाई की तरह समान गुण होने से कंडीशनर और क्लेअंजर के रूप में प्रयोग किया जाता है। रीठा के प्र्योग से भी बाल चमकदार और रेशमी बनते हैं।
  3. आमला, शिकाकाई, रीठा और दूसरों सीधे प्रकृति से उपलब्ध आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां बाल विकास के लिए आयुर्वेदिक घरेलू उपचार में प्रयोग की जाती हैं। रात में इन जड़ी बूटियों को पानी में भिगों दे और सुबह इस जड़ी बूटियों के पानी का उपयोग करें। अगले उपयोग के लिए जड़ी बूटियों के ठोस भाग को निकाल ले और फिर दोबारा भिगोकर उपयोग करें। और जब इन जड़ी बूटियों का प्रभाव पूरी तरह से समाप्त हो जाये तो आप इन्हे निकालकर फेंक दे और नई जड़ी बूटियों को प्रयोग करे।
  4. मेहँदी भी बाल मजबूत बनाने और डाई करने के लिये इस्तेमाल कि जाती है। यह आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है और बाल डाई करने के लिए हरी पत्तियों का उपयोग करें।
  5. नारियल तेल भी बालों के विकास के लिए अच्छा है। आप सरसों का तेल, बादाम का तेल और तिल का तेल भी बालों को प्रकृति के अनुसार का उपयोग कर सकते हैं।
  6. आप चमकदार, रेशमी बाल पाने के लिए सूखे बालों पर दही और अंडे का उपयोग भी कर सकते हैं।
  7. विभिन्न साबुन और शैंपू का प्रयोग से बचें क्योंकि वे हानिकारक रसायन होते हैं। यदि आप बालों को धोने के लिए शैम्पू का उपयोग करना चाहते हैं, तो बालों के लिए अच्छा ब्रांड का शैम्पू इस्तेमाल करें
  8. बालों की मालिश या सिर की मालिश भी खोपड़ी और बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। आप लगभग एक सप्ताह में एक बार बालों की मालिश जरूर करें। यदि रोज कर सके तो और भी अच्छा रहेगा

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